Tuesday, March 3, 2009

इन्सान को समझो

साथियों ,
यह विचार उनके लिए है जिन्हें पैसो का गर्व कुछ ज्यादा होता है और जो अपने आगे किसी को नही देखना चाहते /
पैसे से साधन ख़रीदे जा सकते है पर उनका उपयोग समुचित ढंग से नही किया जा सकता है
दुनिया में कोई भी इन्सान बुरा नही है / बस हमारी सोच इन्सान को बुरा और अच्छा बनती है
ख़ुद सोचिये जिस इन्सान ने हमें बनाया इतनी खुबसूरत दुनिया बनाई वो बुराई नही बना सकता है
इस दुनिया को बुरा हम बनते है अपने विचारो से आचारो से , और क्रिया कलापों से
ख़ुद को प्यार करो दुनिया ख़ुद प्यार देगी
इन्सान को समझ लो इंसानियत अपना सब कुछ वार देगी
हर इन्सान इतना बुरा नही होता जितनी हमारी सच उसके प्रति बुरी हो जाती है / ख़ुद को बदल कर देखो
ये जमाना बदला बदला सा नजर आएगा

राहुल मिश्रा
भारतीय एकता संगठन

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