Tuesday, March 3, 2009

साथियों ,
आशा है आप सब सकुशल से होंगे होली के त्यौहार का आगमन हो चुका है / हर तरफ़ की फिजा बसंतमय हो चुकी है / यह एक ऐसा समय हो जो हर इन्सान के अन्दर आलस्य का समावेश करा देता है पर फ़िर भी
यह मौषम हमारे जीवन का सबसे सुनहरा मौषम होता है /
साथियों
जब अपना कोई नाराज होता है तो दिल को बड़ी पीडा होती है अगला नही समझ पताकी उसने क्या बोला
हम को भी हमारे किसी अजीज ने कुछ बाते कही है / पर इस के द्वारा हम उन्हें बताना चाहेगे हम इतने कमजोर भी नही की इन बातो से डर जाए इन्सान की जिंदगी में प्यारका एक अलग मुकाम होता है जब आपको भी इंसानों से प्यार होगा तो आप भी रिश्तोकी क़द्र करना सीख जायेगी ये विश्वास है हमें

राहुल मिश्रा
भारतीय एकता संगठन

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