Monday, November 18, 2013

मधुमेह से बचाव में कारगर हैं पिस्ता और बादाम


मधुमेह को हम साइलेंट किलर के तौर पर जानते हैं। डॉक्टरों के अनुसार उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, किडनी फेल होना, अंधापन सहित कई जानलेवा बीमारियों के लिए यह जिम्मेदार है। लेकिन आज तक इस बीमारी का कोई कारगर इलाज चिकित्सा विज्ञान ढूंढ नहीं पाया है। डॉक्टरों का मानना है कि सूखे मेवे का संतुलित मात्र में नियमित सेवन मधुमेह से बचाव में कारगर है। नियमित व्यायाम के जरिए भी इस मीठे जहर को शरीर में फैलने से रोका जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार देश-विदेश में ऐसे कई शोध हो चुके हैं, जिनमें यह साबित हुआ है कि यदि मधुमेह के मरीज पिस्ता, बादाम और अखरोट प्रतिदिन खाएं 
तो शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है। जीटीबी अस्पताल व यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के एंडोक्त्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिच्म मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. एसवी मधु ने बताया मरीज बादाम के 25 से 30 दाने रोजाना सुबह ले सकते हैं। सूखे मेवों में फाइबर की मात्र ज्यादा होती है, जो शुगर की मात्र को नियंत्रित करता है। जिन लोगों को मधुमेह नहीं है वह भी सूखे मेवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। 114 फीसद दिल्लीवासी हैं शिकार डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. एके डिागन ने बताया कि राजधानी में 14 फीसद लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। करीब इतने ही फीसद लोग मधुमेह की चपेट में आने की कगार पर हैं। चिंता की बात यह है कि बिगड़ती जीवनशैली, जंक फूड, फास्ट फूड, स्मोकिंग व शराब के सेवन के चलते युवा इसके शिकार हो रहे हैं। इससे रक्तचाप व हृदय की बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
मोटापा भी है बड़ा कारण
भारत में ज्यादातर टाइप-2 मधुमेह के मरीज हैं। इसका बड़ा कारण मोटापा है। दिल्ली में 17 से 20 प्रतिशत बच्चे अधिक वजन के हैं। इस वजह से बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं।
आख, हृदय व किडनी करता है अटैक
हृदयाघात से होने वाली 70 फीसद मौत का कारण मधुमेह है। साथ ही 40 प्रतिशत लोगों में यह किडनी खराब होने का कारण बन रहा है। इसके अलावा कई मरीजों की आख की रोशनी भी चली जाती है और पैर सून हो जाता है।
तीन महीने पर कराएं टेस्ट
डॉ. डिागन ने बताया कि तीन महीने पर एचबीए1सी (ग्लाइकोसुलेटेड हेमोग्लोबिन टेस्ट) कराकर मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं। स्वस्थ व्यक्ति में एचबीए1सी की सामान्य मात्र चार से छह फीसद होती है। यदि किसी मरीज में यह आठ फीसद हो और जाच के बाद वह इसे एक प्वाइंट भी कम कर ले तो शरीर में होने वाली 24 जटिलताओं से बच सकता है।

सौजन्य  से - दैनिक  जागरण 

संगठन कि बैठक सम्पन होने कि सूचना

साथियो ,
काफी समय  के बाद आप सब को  संगठन  कि गतिविधियो  के बारे  में सूचित  कर रहा हूँ   जिसका   हमें खेद है , संगठन कि  एक बैठक  अभी  कुछ दिन पहले  दिनाक  5  सितम्बर 2013  को  संगठन के  प्रधान  कार्यालय  रामपुर  में एक बैठक  हुयी  जिसमे निम्न  सदस्य  शामिल हुए  और निम्नवत  फैसले संगठन के  हित में  लिए  गए ,

उपस्थित  सदस्य  और पदाधिकारी -
01 - श्री  शिव भूषण मिश्रा 
02 - श्री  शिव पथि मिश्रा  अध्यक्ष 
०३-- श्री  कमलेश  निषाद 
04 - श्री राहुल मिश्रा 
०5 - श्रीमती  प्रियंका पाण्डेय 
06 - श्रीमती  रेनू  मिश्रा 
07  श्री  आशीष  पाठक 
०8 - श्री सुशील  पाण्डेय 
09  श्री प्रिया मिश्रा 
१०- श्री मिथिलेश  चन्द्र  मिश्रा 
11  श्रीमती  छाया  मिश्रा 
और  पुराने  सदस्यो को  संगठन  कि बैठक  में शामिल होने  कि सूचना  पत्र के द्वारा  दी गयी थी  और फ़ोन  पर भी सूचित  किया गया  था  परन्तु  विगत  2  वर्षो से  संगठन के किसी कार्यो और बैठक में  सम्लित  न होने  कि वजह से  निम्न  सदस्यो  को संगठन से बाहर  कर दिया  गया है , अभी य़े  लोग संगठन  कि किसी भी  कारवाही और  योजनावो  को लागु नहीं कर सकते ,
01 - श्री कमल त्रिपाठी 
०२- श्री  उमेश त्रिपाठी 
03  श्रीमती  शिखा शुक्ल 
04  श्री आर  पी शुक्ल 
 श्री कमल त्रिपाठी से  संगठन कि स्थायी  सदस्यता  भी वापस ले ली गयी है , जिसके  विषय में  इन्हे फ़ोन और  पत्र द्वारा  सूचित  किया जा चूका है और इनसे  इनके जवाब  कि  प्रतीक्षा कि जा रही है , परन्तु इन्होने  जवाब देने से इंकार कर दिए , इनकी जिमेदारी  श्री मिथिलेश  चन्द्र  मिश्रा  जी को सौपी  जा चुकी है , 
आप सबको सूचित  किया जाता है कि संगठन  कि  रास्ट्रीय  कमिटी  में मिथिलेश  मिश्रा  जी कि वापसी कि गयी  है , संगठन  इनके उजवल भविष्य  कि कामना करता है /

भारतीय  एकता  संगठन